जबकि इसके विपरीत किसी किसी निराश, दुखी व्यक्ति के को मृदु भाषा द्वारा उत्साहित सात्वनां या मदद की जाए तो। उसकी मन बहुत प्रकुल्लित, या डूबते को तिनके का साहरे की जरूरत की तरह काम करता है। किंतु अगर कोई भी व्यक्ति को हम किस भाषा या ज्ञान के द्वारा उसको समझने का प्रयत्न करते हैं। अगर वह क्रोधित या अहंकार का रूप धारण करता है।तो या कोई बात मानने को तैयार नहीं है। तो उसको समझाना बेकार है। जिससे कि स्वयं का समय तथा ज्ञान बहिष्कारी माना जाऐगा।
The process of reflecting seriously on one's life, experiences, actions, and goals, seeking to understand one's life, give it direction, and develop oneself.
Life Thinking
rameshbabu7568.blogspot.com
शनिवार, 16 सितंबर 2023
विध्वंसकारी या स्वयं हितकारी भाषा ज्ञान -
हर मनुष्य भाषा का प्रयोग करते हैं ।जिससे कि दूसरा व्यक्ति उसी ही भाषा के रूप में जवाब दे सके। किंतु मनुष्य को समय ,जगह ,व्यक्ति( स्त्री, पुरुष) की मंशा या परिस्थिति के अनुकूल ही भाषा का प्रयोग करना चाहिए। जिसका अंदाज हम उसके हाब- भाब, बोल-चाल या उसके चेहरे से पता लगाया जा सकता है। जिससे कि उसकी मानसिकता को आगत या बुरा सुनने को या प्रतिकूल परिणाम न निकले। यदि कोई व्यक्ति मानसिक या शारीरिक या किसी चीज के लिए दुखी अफसोस कर रहा हो। उसी समय अगर अगर दूसरा व्यक्ति खिल्ली या मजाक जनक कष्टदायक भाषा का प्रयोग करता है । है तो उसके मन मस्तिष्क में आगत लगता है ।इसका मतलब है कि- किसी विस्फोटक चीज को रखकर तिल्ली(आग) जलने का काम स्वयं का रहता है। मतलब जानबूझकर आपत्ति मोल लेना है। या स्वयं या दूसरे व्यक्ति से लड़ाई- झगड़ा निश्चित है।
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कहानी - मतलबी दुनिया
स्वयं पर विश्वास क्यों?
स्वयं पर इतना विश्वास रखो कि तुम जिस कार्य को करने का निश्चय करते हो, उसे पूर्ण करके ही छोड़ो। क्योंकि जीवन में सबसे बड़ी शक्ति ...
कहानी = मतलबी दुनिया नारी विशेष
-
इस कहानी और पात्र में किसी भी नारी की भावना को ठेस पहुंचाना नहीं है। अपितु अपने ऊपर हो रहे हैं। अमानवीय व्यवहार( बाल विवाह, देहज...
-
हर मनुष्य भाषा का प्रयोग करते हैं ।जिससे कि दूसरा व्यक्ति उसी ही भाषा के रूप में जवाब दे सके। किंतु मनुष्य को समय ,जगह ,व्यक्ति(...
-
में अनार्थ आश्रम में चारपाई बेठा था। पास ही मेरे बुढ़ापे का साथी डंडा था। मैं अपने जीवन के बीते हुए दिनों के बारे में कुछ सोच रह...
-
मनुष्य जीवन में परिवार का मुखिया परिवार को चलाने वाला चालाक एवं इंजन का काम करता है। तथा परिवार रूपी डिब्बे होते हैं जिसे चलाने...
-
भाभी मां की कुछ दिन पहले ही मृत्यु हुई थी जो एक छोटे बच्चे को जन्म देकर ही गुजर चुकी थी। घर की सारी रसोई और लालन-पालन की जिम्मेदारी मेरी मा...
Good
जवाब देंहटाएंGood
जवाब देंहटाएंGood
जवाब देंहटाएंGood
जवाब देंहटाएं