https://rameshbaba7568.blogspot.com/sitemap.xml google-site-verification=kmYBgHhvuQYehft3SXRCNzxbwQDUmaBHZ5DthL_AOrA https://rameshbabu7568.blogspot.com/2024/01/blog-post.html google.com, pub-8003236985543245, DIRECT, f08c47fec0942fa0 life thinking: रिश्तो की उलझन - पारिवारिक

Life Thinking

rameshbabu7568.blogspot.com

रविवार, 12 नवंबर 2023

रिश्तो की उलझन - पारिवारिक

सामाजिक, आर्थिक एवं पारिवारिक स्थितियों का तालमेल एवं पति - पत्नी का एक दूसरे का विश्वास बनाए रखकर ही जीवन को सरलता पूर्वक यापन किया जा सकता है। अगर इनमें से किसी भी स्थिति में तराजू के पलडे़ की तरह कम या ज्यादा होने पर अविश्वास का बह बीज उगना शुरू हो जाता है। जो समय रहते अगर नष्ट नहीं किया गया तो बड़ा होने पर कई तरह की विकट परिस्थितियों को आमंत्रित कर देता है। जिसे संभालना बहुत कठिन हो जाता है। जिससे स्वयं बे परिवार को उसे मोड़ पर लाकर खड़ा कर देता है। जिसमें से एक को चुनना पड़ता है। जिससे दोनों को रास्ते अलग हो जाते हैं। या तराजू के पलडे़ को समान रूप में करने के लिए एक ऊपर एक नीचे का अन्तंर आता ही रहता है। जिसकी पूर्ति या समान करने में जीवन भर लग जाता है। रिश्तो की पकड़ या रिश्तो को समान स्तर से चलाने के लिए समय-समय पर जांच एवं त्रुटि, भ्रांतियां को समझाइए कर समाप्त करना बहुत जरूरी होता है। क्योंकि हर व्यक्ति की इच्छा समान रूप से नहीं होती है। जिसे हम समय रहते या समय पर पूर्ति नहीं कर सकते हैं।

    लेखक - रमेशबाबू

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

rameshbabu7568@gmail.com

कहानी - मतलबी दुनिया

स्वयं पर विश्वास क्यों?

स्वयं पर इतना विश्वास रखो कि तुम जिस कार्य को करने का निश्चय करते हो, उसे पूर्ण करके ही छोड़ो। क्योंकि जीवन में सबसे बड़ी शक्ति ...

कहानी = मतलबी दुनिया नारी विशेष