लेखक - रमेशबाबू
The process of reflecting seriously on one's life, experiences, actions, and goals, seeking to understand one's life, give it direction, and develop oneself.
Life Thinking
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रविवार, 12 नवंबर 2023
रिश्तो की उलझन - पारिवारिक
सामाजिक, आर्थिक एवं पारिवारिक स्थितियों का तालमेल एवं पति - पत्नी का एक दूसरे का विश्वास बनाए रखकर ही जीवन को सरलता पूर्वक यापन किया जा सकता है। अगर इनमें से किसी भी स्थिति में तराजू के पलडे़ की तरह कम या ज्यादा होने पर अविश्वास का बह बीज उगना शुरू हो जाता है। जो समय रहते अगर नष्ट नहीं किया गया तो बड़ा होने पर कई तरह की विकट परिस्थितियों को आमंत्रित कर देता है। जिसे संभालना बहुत कठिन हो जाता है। जिससे स्वयं बे परिवार को उसे मोड़ पर लाकर खड़ा कर देता है। जिसमें से एक को चुनना पड़ता है। जिससे दोनों को रास्ते अलग हो जाते हैं। या तराजू के पलडे़ को समान रूप में करने के लिए एक ऊपर एक नीचे का अन्तंर आता ही रहता है। जिसकी पूर्ति या समान करने में जीवन भर लग जाता है। रिश्तो की पकड़ या रिश्तो को समान स्तर से चलाने के लिए समय-समय पर जांच एवं त्रुटि, भ्रांतियां को समझाइए कर समाप्त करना बहुत जरूरी होता है। क्योंकि हर व्यक्ति की इच्छा समान रूप से नहीं होती है। जिसे हम समय रहते या समय पर पूर्ति नहीं कर सकते हैं।
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