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Life Thinking

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मंगलवार, 21 नवंबर 2023

जीवन की कश्ती मनुष्य पर क्यों हसंती?

जिस तरह व्यक्ति अपने किसी कार्य को सुलभ और आसन बनाने के लिए। उसे नया रूप, रंग, आकर और अपने कार्य के अनुसार उपयोग में लेता है। किंतु कुछ मनुष्य उसमें कुछ खामियां या त्रुटियां का अनुभव नहीं लगा पता है। तथा उसको अपने कार्य के लिए उपयोग में ले लेता है। लेकिन कार्य के दौरान उसे उन कमियों का अनुभव या अंदाज लगता है। जिसे बह तुरंत या जल्दी में उसे कार्य, खामियों की पूर्ति नहीं कर पाता। मन मे यह विचार करता कि शायद में समय रहते इनको ठीक कर पाता । या पहले  ही इन कमियों को देख पाता। लेकिन अब देर बहुत हो चुकी थी।
शायद।
उसी तरह व्यक्ति अपने जीवन में या अपने जीवन में होने वाले कार्य की गलती को समय रहते अगर ठीक नहीं कर पाता है। वर्तमान काल से बुरा भविष्य काल होता है।
इसलिए वर्तमान को भविष्य काल समझकर कार्य को गति देना चाहिए।
 
लेखक -  रमेशबाबू



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