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मंगलवार, 7 नवंबर 2023

लक्ष्य - सफलता से दूर क्यों ?

मनुष्य हर एक सफलता पाने की इच्छा रखता है। जो कि रखना भी जरूरी है। लेकिन जितनी बड़ी इच्छा रहती है। उतना ही बड़ा जोखिम या परेशानियों का सामना करना पड़ता है। एवं शारीरिक, मानसिक बे आर्थिक परिस्थितियों को अनुकूल बनाकर चलना पड़ता है । किंतु मनुष्य जोखिम या रिक्स भी नहीं लेना चाहता है।तथा उसे कार्य को सफलता की दृष्टि से देखता रहता है। जो संभव नहीं है। जिस तरह पका हुआ आम खाने की इच्छा रखते हैं। तो पहले पौधे को अनुकूलित वातावरण चारों तरफ पौधे के लिए सुरक्षा कवच अपनी देखरेख एवं बड़ा होने पर फल एवं पकने का इंतजार करना बहुत जरूरी है। उसी तरह जिस कार्य को हम करते हैं। या करने वाले होते हैं। उसका तुरंत परिणाम या मिलने की इच्छा से नहीं करना चाहिए। साथ यह निर्धारित करता है। कि तुमने जिस कार्य को या जिस लक्ष्य को चुना है। उसे कार्य में जो खामियां या कमियां होती है। उसी की पूर्ति के ही लिये व्यक्ति को प्रॉफिट या लाभ मिलता है। जो स्वयं पर निर्धारित करता है। कि हम इस कार्य या खामियों की पूर्ति करने योग्य है। या नहीं है।


 
        लेखक - रमेशबाबू

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