https://rameshbaba7568.blogspot.com/sitemap.xml google-site-verification=kmYBgHhvuQYehft3SXRCNzxbwQDUmaBHZ5DthL_AOrA https://rameshbabu7568.blogspot.com/2024/01/blog-post.html google.com, pub-8003236985543245, DIRECT, f08c47fec0942fa0 life thinking: झिझकता पूर्ण जीवन ( जीवनी) - लेख

Life Thinking

rameshbabu7568.blogspot.com

मंगलवार, 29 अगस्त 2023

झिझकता पूर्ण जीवन ( जीवनी) - लेख

भौतिक संसाधनों को या जीवन में काम आने वाली वास्तुओं को हर समय हर जगह सभी चीजों को नहीं रख सकता। या साथ में रखकर नहीं चल सकता। अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिये। एक दूसरे पर निर्भर रहना ही पड़ता है। जो की एक सत्यता पूर्ण बात है।

लेकिन इस संसार में बहुते ऐसे व्यक्ति है ।जो दूसरे व्यक्ति से चीज वस्तु या आर्थिक मदद मांगने से अपने आप में शर्मिंदगी या झिझकते हे। 

जैसे- श्याम कोई चीज या वस्तु देगा या नहीं देगा शायद उसके पास होगी या नहीं होगी। या वह मना करने पर और व्यक्तियों के सामने मेरे को शर्मिंदा होना पड़ेगा। यही विचार करने पर वे दूसरे व्यक्ति के पास जाने से कतराता रहेगा। या अपनी बात नहीं रख पाता।

लेकिन बह यह नहीं समझता है। कि - श्याम के मना करने पर श्याम के पास खड़े व्यक्ति भी किसी भी वस्तु या चीज को मांगने से पहले स्पष्ट रूप से उनके सामने बात को रखना चाहिए ताकि वे स्वयं भी उसे बात को सक्रिय भाव से ले और मदद कर सके।

जिससे भौतिक संसाधन या आर्थिक की कमी के कारण कार्य में दिन - प्रतिदिन उसके कार्य में बाधाये आती ही रहयेगी। ने की बाधाओ की कमी होगी।

                                              लेखक - रमेशबाबू


 


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

rameshbabu7568@gmail.com

कहानी - मतलबी दुनिया

स्वयं पर विश्वास क्यों?

स्वयं पर इतना विश्वास रखो कि तुम जिस कार्य को करने का निश्चय करते हो, उसे पूर्ण करके ही छोड़ो। क्योंकि जीवन में सबसे बड़ी शक्ति ...

कहानी = मतलबी दुनिया नारी विशेष