The process of reflecting seriously on one's life, experiences, actions, and goals, seeking to understand one's life, give it direction, and develop oneself.
Life Thinking
शुक्रवार, 29 दिसंबर 2023
प्रभावशाली शब्दों का प्रयोग क्यों कब कैसे?
गुरुवार, 23 नवंबर 2023
आदी या बर्बादी
मंगलवार, 21 नवंबर 2023
जीवन की कश्ती मनुष्य पर क्यों हसंती?
सोमवार, 20 नवंबर 2023
सृष्टि कर्ता परमात्मा है! तो दृष्टि कर्ता कौन? - आध्यात्मिक ज्ञान
मंगलवार, 14 नवंबर 2023
कविता - जिंदगी
दिलों में प्रेम रस बरसाती है।.....
जीने का ढंग से सिखाते है।.....
चलने का रास्ता दिखाती है।.....
आगामी कल को दिखाती है। जिंदगी
सुख - दुख में साथ निभाती है। .....
घर - आंगन को महकाती है ।.....
जीवन में कुछ कर दिखाती है।.....
दोस्त नये दुश्मन बनाती है। जिंदगी
अपने को अपनों से लड़ाती हे।.......
जीवन में घुल मिल जाती है।........
सुख खुश दुख मेआंसू दिखाती है।...
Ramesh Babu
रविवार, 12 नवंबर 2023
रिश्तो की उलझन - पारिवारिक
शनिवार, 11 नवंबर 2023
जीवन के कुछ रिश्तो में अंतर -
शुक्रवार, 10 नवंबर 2023
कहानी- राज़ एक दास्तां
गुरुवार, 9 नवंबर 2023
बच्चों की सोच मां-पिता पर निर्भर करती है। या बच्चों का भविष्य का निर्माण कर्ता माता- पिता ही हैं।
मंगलवार, 7 नवंबर 2023
लक्ष्य - सफलता से दूर क्यों ?
रविवार, 8 अक्टूबर 2023
आंखें और शारीरिक मानसिकता अनुभव
बुधवार, 27 सितंबर 2023
लघु कहानी - बारिश की आश
गुरुवार, 21 सितंबर 2023
गरीबी या बुरा वक्त कब, क्यों, कैसे? -
शनिवार, 16 सितंबर 2023
विध्वंसकारी या स्वयं हितकारी भाषा ज्ञान -
रविवार, 3 सितंबर 2023
परिवार का मुखिया या स्वयं निर्णायक ( सामाजिक एवं पारिवारिक) - लेख
गुरुवार, 31 अगस्त 2023
Maa The Great (life biography) -
मंगलवार, 29 अगस्त 2023
झिझकता पूर्ण जीवन ( जीवनी) - लेख
लेकिन इस संसार में बहुते ऐसे व्यक्ति है ।जो दूसरे व्यक्ति से चीज वस्तु या आर्थिक मदद मांगने से अपने आप में शर्मिंदगी या झिझकते हे।
जैसे- श्याम कोई चीज या वस्तु देगा या नहीं देगा शायद उसके पास होगी या नहीं होगी। या वह मना करने पर और व्यक्तियों के सामने मेरे को शर्मिंदा होना पड़ेगा। यही विचार करने पर वे दूसरे व्यक्ति के पास जाने से कतराता रहेगा। या अपनी बात नहीं रख पाता।
लेकिन बह यह नहीं समझता है। कि - श्याम के मना करने पर श्याम के पास खड़े व्यक्ति भी किसी भी वस्तु या चीज को मांगने से पहले स्पष्ट रूप से उनके सामने बात को रखना चाहिए ताकि वे स्वयं भी उसे बात को सक्रिय भाव से ले और मदद कर सके।
जिससे भौतिक संसाधन या आर्थिक की कमी के कारण कार्य में दिन - प्रतिदिन उसके कार्य में बाधाये आती ही रहयेगी। ने की बाधाओ की कमी होगी।
लेखक - रमेशबाबू
मतभेद या रिश्तो का पतन (जीवनी) - लेख
बुधवार, 23 अगस्त 2023
शरीर की बाहरी एवं आंतरिक आत्माओं का संघर्ष - आध्यात्मिक ज्ञान (लेख)
मंगलवार, 22 अगस्त 2023
बच्चों का बचपन या निर्माण - लेख
रविवार, 20 अगस्त 2023
मनुष्य से मनुष्य पर मानसिक चोट -(लेख)
नशा या स्वंय का विनाश (लेख)
कहानी - मतलबी दुनिया
स्वयं पर विश्वास क्यों?
स्वयं पर इतना विश्वास रखो कि तुम जिस कार्य को करने का निश्चय करते हो, उसे पूर्ण करके ही छोड़ो। क्योंकि जीवन में सबसे बड़ी शक्ति ...
कहानी = मतलबी दुनिया नारी विशेष
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इस कहानी और पात्र में किसी भी नारी की भावना को ठेस पहुंचाना नहीं है। अपितु अपने ऊपर हो रहे हैं। अमानवीय व्यवहार( बाल विवाह, देहज...
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हर मनुष्य भाषा का प्रयोग करते हैं ।जिससे कि दूसरा व्यक्ति उसी ही भाषा के रूप में जवाब दे सके। किंतु मनुष्य को समय ,जगह ,व्यक्ति(...
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में अनार्थ आश्रम में चारपाई बेठा था। पास ही मेरे बुढ़ापे का साथी डंडा था। मैं अपने जीवन के बीते हुए दिनों के बारे में कुछ सोच रह...
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मनुष्य जीवन में परिवार का मुखिया परिवार को चलाने वाला चालाक एवं इंजन का काम करता है। तथा परिवार रूपी डिब्बे होते हैं जिसे चलाने...
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भाभी मां की कुछ दिन पहले ही मृत्यु हुई थी जो एक छोटे बच्चे को जन्म देकर ही गुजर चुकी थी। घर की सारी रसोई और लालन-पालन की जिम्मेदारी मेरी मा...