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जीवन में फूलों सी खुशबू बनती हैं बेटियाँ,
हर आँगन में रौशनी सी जगती हैं बेटियाँ।
माँ की ममता, पिता का अभिमान हैं बेटियाँ,
घर की हर दीवार का सम्मान हैं बेटियाँ।
रोते दिलों में सुकून भर देती हैं, बेटियाँ
टूटी उम्मीदों को नया सफ़र देती हैं।बेटियाँ
त्याग, प्रेम और अपनापन सिखाती हैं बेटियाँ,
हर रिश्ते को अपनेपन से निभाती हैं बेटियाँ।
कभी बहन बनकर रक्षा का वचन निभाती हैं,
कभी बेटी बनकर घर की शान बढ़ाती हैं।
जब मुस्कुराती हैं तो जैसे सवेरा हो जाए,
उनकी हँसी से हर ग़म धुआँ हो जाए।
ईश्वर ने बनाया है इन्हें दुआओं का रूप,
हर घर में ये लाती हैं नई उम्मीदों का स्वरूप।
जहाँ होती हैं बेटियाँ, वहाँ होता है प्यार,
वहीं बसता है सच्चा स्वर्ग-सा संसार। 🌷